दिल्ली बुराड़ी कांड-11 मौत, एक कमरा और 1 खास दिन एक साथ सोता था सारा परिवार, जाने क्यों 

दिल्ली बुराड़ी कांड-11 मौत, एक कमरा और 1 खास दिन एक साथ सोता था सारा परिवार, जाने क्यों 

अंजलि पराशर संवाददाता,फरीदाबाद 3 जुलाई : दिल्ली के बुराड़ी इलाके से चार दिन पहले हैरान कर देने वाला मामला सामने आया जिस से पूरी दिल्ली में हंगामा मच गया. आपको बता दे दिल्ली के एक ही परिवार के 11 सदस्यों ने फ़ासी लगा कर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर ली. अभी तक उनकी मौत के कारणों का खुलासा नहीं हुआ हैं.

इस मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे है. तांत्रिक जादू टोना से लेकर सामूहिक आत्महत्या तक हर एक ऐंगल से मामले की जांच में पुलिस जुटी हुई है.भाटिया परिवार के घर में से एक रजिस्टर भी बरामद हुआ. जिसमे हत्या की सारी विधि लिखी गयी थी और अभी तक नहीं पता की आखिर ये लिखा किसने.

बुराड़ी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना तो दूर और उलझती जा रही है. बुराड़ी मामले में अब एक मोड़ सामने आ रहा है पुलिस वालों का शक भाटिया फैमली के छोटे बेटे ललित पर जा रहा है. भाटिया फैमिली का बेटा ललित रेकी किया करता था. चोट लगने के कारण ललित अपनी आवाज खो बैठा था. अपनी आवाज़ खोने के बाद से ललित रहस्यमय और आध्यात्मिक साहित्ये पढ़ने लगा.

ये ही कारण है कि भाटिया परिवार सब छोटे की हर बात मानते थे.

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जाने आखिर एक कमरे में भाटिया परिवार एक साथ को सोता था

कुछ अनुष्ठानों के कारण भाटिया परिवार एक खास दिन पर एक साथ एक कमरे में सोया करता था. घर से बरामद हुए कुछ नोट्स में ये बात सामने आयी की एक ख़ास दिन सारा परिवार एक कमरे में सोया करता था .परिवार अलग अलग दिशा वाले कमरों में सोया करता था. नारायणी देवी की बेटी सुजाता का कहना है कि आत्महत्या करने का कोई भी प्रमाण अभी तक नहीं मिला है. भाटिया परिवार नारायणी की बेटी सुजाता नागपाल CBI जांच की मांग कर रही है.

भाटिया परिवार का ये था दिनभर का रूटीन

आस पास के लोग और जानकारों से मिली जानकारी के अनुसार भाटिया परिवार का रूटीन पता लगा सारा परिवार एक रूटीन पर चलता था. सुबह 5:30 डेयरी खोलता था जब दूध सप्लाई की गाडी आया करती थी. भाटिया परिवार के चिराग भवनेश और ललित दोनों अपनी पत्निओ के साथ मंदिर जाया करते थे. भाटिया परिवार के बच्चे सुबह 7:30 बजे स्कूल बस पकड़ते थे. प्लाईवुड की दुकान सुबह 9 बजे खुला करती थी. प्रियंका भी इसी टाइम ऑफिस के लिए घर से निकलती थी .उसके बाद सारा परिवार आधा घंटा पूजा करता था .

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पूजा से ही खत्म हुआ करता था भाटिया परिवार दिन

भवनेश की बेटी अपनी पढ़ाई पूरी कर प्लाईवुड की दुकान पर बैठा करती थी. शाम होते ही सारा परिवार एकजुट हो पूजा किया करता था. ऐसे ही खत्म हो जाता था. पड़ोसियों के मुताबिक भाटिया परिवार वैकल्पिक उपचार पर निर्भर था घटना से पहले ललित बीमार पद गया था और भवनेश भी बीमार रहा था.

 

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